सत्ता में आते ही हिटलर ने तानाशाही स्थापित कर दी। उसने खुद को 'फ्यूहरर' (Führer - नेता) घोषित कर दिया।
कुछ घटनाओं को नाटकीय बनाने के लिए समय के क्रम में बदलाव किया गया है।
प्रथम विश्व युद्ध में उसने जर्मन सेना में भाग लिया और 'आयरन क्रॉस' जीता। 2. राजनीति में प्रवेश
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इस सीरीज का मुख्य उद्देश्य यह दिखाना था कि कैसे समाज की चुप्पी और राजनीतिक अस्थिरता एक तानाशाह को जन्म देती है।
5. 1929 की महामंदी: सत्ता का रास्ता (The Great Depression)
6. लोकतंत्र का अंत और तानाशाही की शुरुआत hitler the rise of evil in hindi
यहाँ हिटलर: द राइज ऑफ इविल (Hitler: The Rise of Evil)
क्या आप हिटलर के जीवन के किसी या उसकी सैन्य रणनीतियों के बारे में अधिक विस्तार से जानना चाहेंगे?
एडोल्फ़ हिटलर का जन्म 20 अप्रैल 1889 को ऑस्ट्रिया के एक छोटे से शहर ब्रौनाउ एम इन (Braunau am Inn) में हुआ था। बचपन में वह एक पादरी बनना चाहता था, और बाद में उसने एक पेंटर (कलाकार) बनने का सपना देखा। वह वियना की 'एकेडमी ऑफ फाइन आर्ट्स' में दाखिला लेना चाहता था, लेकिन उसे दो बार खारिज कर दिया गया। इसी असफलता और वियना के माहौल ने उसके भीतर यहूदियों के प्रति नफरत के बीज बोए। hitler the rise of evil in hindi
हिटलर का शासन सिर्फ राजनीति नहीं था, बल्कि यह एक खौफनाक प्रयोग था।
1929 की वैश्विक आर्थिक मंदी ने हिटलर के लिए रास्ता साफ कर दिया। जर्मनी में गरीबी और बेरोजगारी चरम पर थी। हिटलर ने इन परिस्थितियों का फायदा उठाया और लोकतंत्र को विफल करार दिया। 1933 में जर्मनी के राष्ट्रपति पॉल वॉन हिंडनबर्ग ने मजबूरी में हिटलर को नियुक्त कर दिया।