Palitana 5 Chaityavandan In Hindi Full [2021] File

चैत्यवंदन का अर्थ है 'जिनालय (मंदिर) में स्थित जिनेन्द्र देव की वंदना करना'। यह एक विशेष पूजन विधि है, जिसमें अर्हंत (तीर्थंकर) और सिद्ध भगवान की स्तुति की जाती है।

रायण वृक्षनी छांयडी, समवसरण रचाय।प्रभु बैठ्या त्यां हर्षथी, सुर नर की सेवा थाम।।चरण पादुका पूजिये, धरीए मन आल्हाद।जन्म मरणना दुःख टले, पामीए शिव सुख साद।।

पर्वत पर चढ़ते समय मार्ग में १६वें तीर्थंकर भगवान शांतिनाथ का सुंदर जिनालय आता है, जहाँ दूसरा चैत्यवंदन किया जाता है। palitana 5 chaityavandan in hindi full

4. चतुर्थ चैत्यवंदन: रायण पेड़ (रायण पगला)

आदि जिणंद संभारिए, शत्रुंजय गिरिराज।जासु दरस ते पाशिए, शिवपुर के सुख-राज॥कंचन वरणी काय है, लंछन बलद सोहाय।विनीता नगरी के धणी, बंदूं शीश नमाय॥ palitana 5 chaityavandan in hindi full

रायण तरु नीचे प्रभु बैठा, मरुदेवा ना नंद।कोटि कोटि सुर असुर वंदे, जोई मुख पूर्णिमा चंद॥ १ ॥शत्रुंजय महिमा जगमां मोटो, युगादि जिनवर पाय।रायण पगला पूजतां प्राणी, दुःख दरिद्र सब जाय॥ २ ॥भरत चक्रवर्ती समवसरण कीधो, कंचन रत्न मयी सोय।तेह ज जागा ए पगला सोहे, देखत पातक खोय॥ ३ ॥लाख चौरासी वार प्रभु आव्या, ए गिरिराजने काज।'ज्ञानविमल' कहे चरण वंदूं, आपो अविचल राज॥ ४ ॥

चैत्यवंदन क्या है और इसका महत्व? palitana 5 chaityavandan in hindi full

पालिताना की इस पावन ५ चैत्यवंदन विधि को श्रद्धापूर्वक करने से मन शांत होता है और कर्मों की निर्जरा होती है।

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